चीन से सटा जापान फिर भी नहीं फैलने दिया कोरोनावायरस, कारण जानकर हैरान हो जाएंगे


वर्तमान समय में दुनिया भर के लोग कोरोनावायरस से जूझ रहे हैं, कोरोनावायरस एक खतरनाक भयंकर वायरस है, जिस के प्रकोप से पूरी दुनिया डरी हुई है, इस वायरस के चलते 24800 से भी ज्यादा लोग मर चुके हैं, देखा जाए तो कोरोनावायरस लगातार तेजी से खतरनाक बनता जा रहा है, इस वायरस के अटैक में जो भी आता है उसे इस वायरस के बारे में पता ही नहीं चलता, जिसके कारण यह वायरस कुछ समय के बाद विकराल रूप धारण कर लेता है, ऐसे में आप सभी को पता है यह वायरस चीन के वुहान शहर से निकला और पूरी दुनिया में फैल गया, लेकिन चीन के बाद कोरोनावायरस का पहला मरीज जापान में मिला था, क्योंकि वह वहां से 10 जनवरी के आसपास आया था, इसके बाद जापान उन 3 सप्ताह के चरणों से गुजर चुका है, जबकि कोरोनावायरस विस्फोटक रूप ले लेता, लेकिन वहां पर एक हजार संक्रमित मरीज है और इनका इलाज अभी चल रहा है, ऐसे में सवाल उठता है जापान ने आखिर ऐसा कैसे कर लिया, चलिए बताते हैं|


जापान सरकार ने बहुत तेजी से कड़े कदम उठाए हैं, जापान की सरकार ने संक्रमित व्यक्ति की पहचान तुरंत की जहां पर कोरोनावायरस व्यक्ति पाए गए वह जिस व्यक्ति के संपर्क में आए उन सभी पर नजर रखी गई और उनकी टेस्टिंग की, जापान ने सिर्फ ऐसे लोगों की टेस्टिंग की जो इस लक्षण से पीड़ित थे या किसी बीमारी से पीड़ित थे|


जापान की सरकार के द्वारा रिपोर्ट जारी की गई जिसमें सरकार द्वारा नियुक्त पैनल ने बताया कि जापान में 80 फ़ीसदी केस ऐसे थे जिनमें इंफेक्शन को एक व्यक्ति से दूसरे में जाने ही नहीं दिया, क्योंकि संक्रमण की चेन बनने ही नहीं दी, ऐसे में बहुत से इन्फेक्शन से पीड़ित व्यक्ति की पहचान शुरुआती स्टेज में ही कर ली गई|


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